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ऑपरेशन TRASHI-घायल साथियों को सुरक्षित निकाल शहीद हो गए गजेंद्र सिंह गढ़िया।

gajendra singh gariya
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जम्मू -कश्मीर के किश्तवाड़ जनपद स्थित सिंहपोरा क्षेत्र में आतंकवादियों के साथ जारी ऑपरेशन TRASHI-I में भारतीय सेना के एक अनुभवी जवान हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया शहीद हो गए। रविवार की रात शुरू हुए इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों का पीछा करते हुए तलाशी अभियान चलाया। सेना के अनुसार आतंकवादी ग्रेनेड और भारी हथियारों का इस्तेमाल करते हुए सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान हमले में कुल 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया को गंभीर चोटें आईं। बाद में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

मिली जानकारी के अनुसार ऑपरेशन त्राशी में हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया ने अपने घायल साथियों को सुरक्षित निकालने में कामयाब रहे लेकिन वे अपनी रक्षा नहीं कर सके। उनके इस अदम्य शौर्य और साहस के लिए सेना ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान दिया। वाइट नाईट कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) सहित सेना के सभी जवानों ने हवलदार गजेंद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर श्रद्धांजलि पोस्ट करते हुए लिखा है –

व्हाइट नाइट कॉर्प्स के GOC तथा सभी अधिकारी और जवान, स्पेशल फोर्सेस के हवलदार गजेंद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने 18–19 जनवरी 2026 की मध्यरात्रि को जारी ऑपरेशन TRASHI-I के दौरान सिंगपुरा क्षेत्र में आतंकवाद-रोधी अभियान को वीरतापूर्वक अंजाम देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। हम उनके अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्य के प्रति निःस्वार्थ समर्पण को नमन करते हैं तथा इस गहरे दुःख की घड़ी में शोकसंतप्त परिवार के साथ दृढ़ता से खड़े हैं।

 

शहीद गजेंद्र सिंह उत्तराखण्ड के दूरस्थ जनपद बागेश्वर के बीथी के रहने वाले हैं। बचपन से ही वे एक मेधावी और अनुशासन प्रिय रहे हैं। उनकी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पोथिंग और 12वीं पीसीएम ग्रुप में इंटर कॉलेज कपकोट से हुई है। पिता धन सिंह गढ़िया गांव में किसान हैं। शहीद के बच्चे राहुल और धीरज अभी छोटे हैं, जो चौथी कक्षा में देहरादून में पढ़ते हैं। 

गजेंद्र वर्ष 2004 में अपनी कड़ी मेहनत के बलबूते भारतीय सेवा की स्पेशल फोर्स पैरा यूनिट में भर्ती हुए। वे अपने सेवा काल में कठोर अनुशासन, अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते थे।

उनके बलिदान का समाचार मिलते ही उनके गृह क्षेत्र पोथिंग, बीथी, पन्याती, कपकोट, गैनाड़ में शोक की लहर है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा – “‘सैन्यभूमि उत्तराखण्ड के वीर सपूत, बागेश्वर जनपद निवासी हवलदार श्री गजेन्द्र सिंह गढ़िया जी का जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्री चरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहने की शक्ति प्रदान करें।” ।।ॐ शांति।।

 

विनोद सिंह गढ़िया

विनोद सिंह गढ़िया इस पोर्टल के फाउंडर और कंटेंट क्रिएटर है। करीब 15 वर्षों से वे विभिन्न डिजिटल मंचों के माध्यम से उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा, पर्यटन आदि से जुड़े लेख और सम-सामयिक घटनाओं पर आधारित समाचार आप सभी तक पहुंचाते हैं।

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